शनिवार, 7 मार्च 2026 | Loading Time...
शनिवार, 7 मार्च 2026 | Loading Time...

कीट डीम्ड विश्वविद्यालय ने रचा इतिहास: वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में भारत की सबसे सफल यूनिवर्सिटी बनी

प्रकाशित: July 31, 2025, 7:43 PM | खेल जगत
कीट डीम्ड विश्वविद्यालय ने रचा इतिहास: वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में भारत की सबसे सफल यूनिवर्सिटी बनी



राइन-रूहर (जर्मनी), 28 जुलाई: जर्मनी के राइन-रूहर में संपन्न हुए वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में कीट डीम्ड विश्वविद्यालय ने अभूतपूर्व ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए भारत की सबसे ज्यादा पदक जीतने वाला विश्वविद्यालय का गौरव प्राप्त किया। इस प्रदर्शन ने भारत को अब तक की सबसे बेहतरीन रैंक मिला है और मेडल टैली में 20वें स्थान पर भारत पहुंच चुका है।


एक ही दिन में कीट के छात्र-खिलाड़ियों ने कुल पाँच पदक—तीन सिल्वर और दो ब्रॉन्ज—हासिल किए। इसके चलते भारत की कुल पदकों की संख्या 12 हो गई, जो पिछली बार से दोगुनी है।


कीट के पदक विजेता:

• अंकिता: 3000 मीटर स्टीपलचेज – सिल्वर पदक

• प्रवीन चित्रवेल: ट्रिपल जंप – सिल्वर पदक

• सीमन: 5000 मीटर फाइनल – सिल्वर पदक

• पुरुषों की 4x100 मीटर रिले टीम – ब्रॉन्ज पदक

• महिलाओं की 20 किलोमीटर रेस वॉक टीम – ब्रॉन्ज पदक

• अविनाश मोहंती: बैडमिंटन – ब्रॉन्ज पदक


अविनाश मोहंती के पदक के साथ कीट के कुल पदकों की संख्या 6 हो गई, जो भारत की कुल पदक संख्या का आधा है। इससे कीट ने खुद को देश की खेलों में सबसे अग्रणी यूनिवर्सिटी के रूप में स्थापित कर दिया है।


भारत की आधिकारिक टीम में ओडिशा के 42 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिनमें से 40 कीट के खिलाडी छात्र थे।


कीट-कीस और कीम्स के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत ने इस शानदार उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा,

“यह दिन सिर्फ पदकों का नहीं, बल्कि यह प्रमाण है कि जब प्रतिभा को समर्पण और सही मार्गदर्शन मिले, तो हमारे युवा वैश्विक मंच पर चमक सकते हैं।”


उन्होंने ओडिशा खेल विभाग, भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का आभार व्यक्त किया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष धन्यवाद भी दिया।


“भगवान की कृपा से हमने पिछले संस्करण के मुकाबले इस बार तीन गुना पदक जीते हैं। मैं AIU और कीट के पूरे सहयोगी दल को उनके अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद देता हूँ,” डॉ. सामंत ने कहा।